खुबियों से भरी खूबानी : khubani in hindi

खूबानी का फल पौष्टिक होता है और इसके पके हुए फलों का प्रयोग सूखे मेवे के रूप में किया जाता है। खूबानी की गुठली मोटी होती है जिसके अन्दर से गिरी निकलती है।

गोल-गोल और हल्के पीले और नारंगी रंग की खूबानी जितना सुन्दर दिखती है उससे कहीं ज्यादा पौष्टिक और गुणकारी होती है। कई बार यह गुलाबी रंग की भी होती हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि 5 खूबानी से उतनी ही कैलोरी मिलती हैं, जितनी एक सेब से। लेकिन इसमें सेब से कहीं अधिक प्रोटीन, कैल्सियम, आयरन, विटामिन ‘के’ विटामिन ‘ए’ और फोलिक एसिड की मात्रा पाई जाती है।

खूबानी में पोटेशियम और फाइबर की अपेक्षा बीटा कैरोटीन ज्यादा होती है। यदि उपलब्धता हो तो आपको इस फल को अपने रोजाना भोजन में शामिल करना चाहिए क्योंकि एक छोटे से फल में इतने सारे तत्व एक साथ मिल जाते हैं। खूबानी की गिरी व फूलों का प्रयोग औषधि के रूप में किया जाता है।

खूबानी के औषधीय गुण व फायदे : khubani ke aushadhiya gun

1. हृदय रोग-
खूबानी का रस पीना हृदय के रोगियों के लिए बेहद लाभकारी है।

2. स्नायुविक रोग-
खूबानी का रस निकालकर प्रतिदिन सेवन करने से स्नायुविक रोग ठीक होता है।

3. वीर्य की कमी-
प्रतिदिन खूबानी खाने से वीर्य की कमी दूर होती है और चेहरे की सुन्दरत बढ़ती है।

4. दाग-धब्बे-
चेहरे की झांईयों व दाग-धब्बे को दूर करने के लिए खूबानी का रस निकालकर चेहरे पर लगाएं और नियमित 150 से 250 मिलीलीटर की मात्रा में पीएं। इससे चेहरे के दाग-धब्बे व झांईयां दूर होती है।

5. बुखार-
बुखार से पीड़ित रोगी को खूबानी का रस निकालकर शहद के साथ मिलाकर पिलाना चाहिए। इससे बुखार में जल्दी आराम मिलता है।

6. जलन-
खूबानी का रस पीने से प्यास और जलन शांत होती है।

7. शरीर के विषैले द्रव्य को निकालने के लिए-
खूबानी का सेवन प्रतिदिन करने से शरीर का विषैला पदार्थ निकल जाता है। इससे कब्ज भी दूर होती है।

8. धूप से बचाव-
खूबानी के पत्तों का रस निकालकर त्वचा पर लगाने से धूप से बचाव होता है।

9. हृदय रोग-
खूबानी का रस 4 चम्मच की मात्रा में पानी में डालकर प्रतिदिन पीने से हृदय रोग दूर होता है।