हँसने के फायदे :

हँसना सेहत के लिए बहुत अच्छा है, यह सिद्धांत बहुत पुराना है। पुरातन, वैदिक संस्कृत ग्रंथों में इसे मन, मस्तिष्क और दिल का बेहतरीन व्यायाम बताया गया है। योग में इसके गुणों को देखते हुए रोजाना व्यायाम के तौर पर हँसने की सलाह दी गई है। लोगों ने यही विचार कहावतों में ढाला है। अब यही बात आधुनिक चिकित्सा वैज्ञानिक कह रहे हैं। शोध से उन्होंने शरीर पर हँसने के सुप्रभाव भी जान लिये हैं।

महज भौतिक स्तर पर देखें, तो हँसना एक भरपूर व्यायाम है। इससे छाती और पेट की मांसपेशियों तथा दिल, फेफड़ों और रक्त-संचार व्यवस्था का खूब अच्छा व्यायाम हो जाता है। साँस-नलियों में बलगम हो तो बाहर आ जाता है। दिल और संचरण की गति तीव्र हो जाती है। मांसपेशियों की अच्छी-खासी कसरत हो जाती है। हँसना मन के लिए भी सबसे अच्छा टॉनिक है। इससे आदमी जीवन की नीरसता, एकाकीपन, तनाव, अवसाद और थकान से राहत पाता है।

शोध-चिकित्सकों ने हँसने की उपयोगिता का जैव-रासायनिक आधार भी तलाश किया है। उन्होंने पाया है कि हँसने से मस्तिष्क में कई महत्त्वपूर्ण जैव-रसायन उपजते हैं। इनमें केटाकोलामिंस और प्राकृत पीड़ाहारी एंडरोफिंस प्रमुख हैं।
लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हो जाती। कुछ उत्साही चिकित्सकों ने हास्य का इस्तेमाल रोगोपचार में भी करना शुरू कर दिया है। गत दो दशकों में अमेरिका में ‘लाफ्टर’ की हीलिंग पावर्स पर पुस्तकें भी लिखी गई हैं। कई मामलों में हास्य-चिकित्सा जादू-सा काम कर गई है।

हास्य एक कला, जो बन जाती दवा :

जीवन में हँसी के महत्त्व को देखते हुए कई हास्य-क्लब खुलते जा रहे हैं तथा शारीरिक व्यायाम और योग में भी दिल खोलकर हँसने की क्रिया को बढ़ावा दिया जा रहा है, परंतु हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी की मजबूरी पर हँसना अनुचित होगा और यह हँसी का नकारात्मक प्रयोग होगा।

भारत में हास्य दिवस पहली बार 1988 में 11 जनवरी को मुंबई के महालक्ष्मी मैदान में कुछ लोगों ने खुले वातावरण में खुली हँसी हँसकर मनाया था। हँसने के लिए हमें कुछ देना नहीं पड़ता, उलटे हमें सुख, सुकून और शांति मिलती है। हँसने के लिए कुछ मुद्दे ही काफी हैं, जो हमें गुदगुदा देते हैं और अनायास ही हम खिलखिला उठते हैं। हँसने से हमारे शरीर की मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं और मन हलका हो जाता है। हास्य हमारे नकारात्मक भाव जैसे भय, उदासी, गुस्से को दूरकर हमें शारीरिक तथा मानसिक आराम पहुँचाता है। कभी-कभी अपनेआप पर भी हँसना तनाव और परेशानी को कम कर देता है । हँसने के बाद हमारे शरीर के अंदर कुछ लाभकारी रसायन अंत:स्रावी ग्रंथियों द्वारा विकसित होते हैं, जिससे हमारा रक्तचाप ठीक हो जाता है। यह निकलनेवाला रसायन हमारे शरीर के अंदर मरहम का काम करता है और हम फिर से तरोताजा हो जाते हैं। | हँसने की क्रिया के विभिन्न लाभों को देखते हुए, हास्य दिवस एक हास्य समारोह है, जो हमें उसके गुणों के बारे में बताता है। इस दिन लोग क्लबों में, दफ्तरों में और अनायास कहीं पर भी खिलखिलाकर हँस उठते हैं और खुशी-शांति का पैगाम पाते हैं, लेकिन यह हमेशा ध्यान रहे कि हँसने के लिए उचित समय, स्थान और वातावरण जरूरी है, अन्यथा इसका गलत परिणाम भी निकल सकता है। हास्य, तनाव और हृदय की बीमारियों से बचने का एक कारगर उपचार है।

तो सेहतमंद रहने के लिए हँसें, इससे सस्ती, अच्छी और आह्लादक चिकित्सा भला क्या हो सकती है !