मुद्रा बनाने का तरीका-

अपने हाथ की बीच वाली उंगली को अंगूठे की जड़ में लगाने से आकाश दाब मुद्रा बन जाती है। एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि बाकी की सारी उंगलियां अलग-अलग होनी चाहिए।

लाभकारी-

इस मुद्रा को करने से कान के सारे रोग, जैसे कम सुनाई देना, कानों में अजीब सी आवाजें सुनाई देना, कान का बहना, जैसे सारे रोग समाप्त हो जाते हैं।

 

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